छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के जन्मदिन के अवसर पर पंडवानी की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पंडवानी कथा वाचक डॉ. उर्वशी साहू द्वारा प्रस्तुत ‘द्रोपती चीर हरण कथा’ इन दिनों दर्शकों के बीच खूब पसंद की जा रही है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
पंडवानी की इस विशेष ‘द्रोपती चीर हरण कथा’ प्रस्तुति में डॉ. उर्वशी साहू ने अपनी प्रभावशाली आवाज और कथावाचन शैली के माध्यम से महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंग को जीवंत रूप देने का प्रयास किया है। प्रस्तुति में रागी मोनु गायकवाड, बेंजो पर मनमोहन साहू, तबला पर पुष्कर भाई, ढोलक पर सूर्यकांत साहू, मंजीरा पर धर्मेंद्र वर्मा और हारमोनियम पर सुरेश निषाद ने संगत दी है। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति ने पंडवानी के पारंपरिक रंग को और प्रभावशाली बना दिया है।
तीजन बाई को समर्पित प्रस्तुति
डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय शैली और सशक्त कथावाचन के माध्यम से पंडवानी को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। उनके जन्मदिन पर डॉ. उर्वशी साहू द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम उनकी कला-साधना और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोक परंपरा को नमन करने का एक विशेष प्रयास है।
इस प्रस्तुति के जरिए पंडवानी की पारंपरिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और छत्तीसगढ़ की लोककला को डिजिटल मंच पर बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया है।
यूट्यूब पर रिलीज, दर्शकों का मिल रहा प्यार
यह पंडवानी प्रस्तुति US ENTERTAINMENT के म्यूजिक लेबल के तहत Urvarshi Sahu Entertainment यूट्यूब चैनल पर रिलीज की गई है। रिलीज के बाद से ही वीडियो को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेजी से बढ़ रही है।
वीडियो का DOP लक्ष्मण यादव और एडिटिंग अंकित साहू ने किया है। वहीं इसका निर्देशन डॉ. उर्वशी साहू ने किया है और प्रोड्यूसर US ENTERTAINMENT है। प्रस्तुति की भाषा छत्तीसगढ़ी है।
पंडवानी की परंपरा, डॉ. तीजन बाई की कला-साधना और नई पीढ़ी के कलाकारों के प्रयास को जोड़ती ‘द्रोपती चीर हरण कथा’ लोककला प्रेमियों के लिए खास प्रस्तुति बनकर सामने आई है।


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