छत्तीसगढ़ महतारी की चर्चित तस्वीर पर कलाकार ईश्वर साहू का कॉपीराइट
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान और संस्कृति का प्रतीक बन चुकी छत्तीसगढ़ महतारी की चर्चित तस्वीर को लेकर एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। इस तस्वीर के रचनाकार कलाकार ईश्वर साहू ‘बंधी’ ने अब इसके बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) के तहत कॉपीराइट प्राप्त कर लिया है। इसके बाद तस्वीर के उपयोग को लेकर कलाकार की अनुमति और उनके अधिकार का विषय महत्वपूर्ण हो गया है।
दरअसल, 18 जून 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ महतारी की इस तस्वीर को सार्वजनिक किया था। सरकार ने निर्णय लिया था कि शासकीय कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की संस्कृति, इतिहास और माटी के गौरव से लोगों को जोड़ा जा सके।
इस चित्र में छत्तीसगढ़ महतारी को हरे रंग की साड़ी में पारंपरिक परिधान और आभूषणों के साथ दर्शाया गया है। एक हाथ में धान की बाली और हंसिया है, जबकि दूसरा हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है। देखते ही देखते यह तस्वीर प्रदेशभर में लोकप्रिय हो गई और सरकारी आयोजनों से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक इसका इस्तेमाल होने लगा।
रचनाकार को नहीं मिला अपेक्षित श्रेय
कलाकार ईश्वर साहू ‘बंधी’ के अनुसार, उनकी बनाई तस्वीर को सरकारी स्तर पर इतनी व्यापक पहचान मिलना उनके लिए खुशी की बात थी। हालांकि, उनका कहना है कि तस्वीर के उपयोग से पहले उनसे अनुमति नहीं ली गई और न ही उन्हें इसके रचनाकार के रूप में उचित श्रेय मिला।
तस्वीर की लोकप्रियता और लगातार बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए उनके साथियों ने उन्हें इसके कॉपीराइट के लिए आवेदन करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2023 में कॉपीराइट के लिए आवेदन किया।
अब मिला कॉपीराइट अधिकार
कॉपीराइट आवेदन पर प्रक्रिया और सुनवाई के बाद अब ईश्वर साहू ‘बंधी’ को इस तस्वीर का कॉपीराइट प्राप्त हो गया है। इसके साथ ही तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर उनके अधिकार औपचारिक रूप से स्थापित हुए हैं।
पैसा नहीं, पहचान और अनुमति को प्राथमिकता
कॉपीराइट मिलने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या तस्वीर के इस्तेमाल के लिए कलाकार अब शुल्क लेंगे? इस पर ईश्वर साहू का कहना है कि यदि नियमों के तहत किसी कृति के इस्तेमाल के लिए भुगतान का प्रावधान है, तो वे उसके हकदार होंगे। हालांकि, उनके लिए आर्थिक लाभ प्राथमिकता नहीं है।
उनका कहना है कि सबसे जरूरी यह है कि तस्वीर का इस्तेमाल करने से पहले उनकी अनुमति ली जाए और जिस कलाकार ने इस कृति को बनाया है, उसे उचित श्रेय दिया जाए।
छत्तीसगढ़ महतारी की यह तस्वीर अब केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी एक चर्चित छवि बन चुकी है। ऐसे में इसके रचनाकार को मिला कॉपीराइट आने वाले समय में इसके सार्वजनिक और आधिकारिक इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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