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Chakradhar Samaroh लय, ताल और भाव-अभिव्यक्ति के सुंदर संगम से सजी लिली चौहान की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति

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रायगढ़ (नजर छत्तीसगढ़) । 41 वें चक्रधर समारोह-2026 की सांस्कृतिक संध्या में रायगढ़ घराने की प्रतिभाशाली कथक नृत्यांगना शिल्पा सिंह ने अपनी भावपूर्ण और आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके नृत्य में कथक की बारीकियों, लय-ताल की सटीकता और प्रभावशाली अभिनय का सुंदर समन्वय देखने को मिला। प्रस्तुति के दौरान रायगढ़ घराने की समृद्ध नृत्य परंपरा की विशिष्ट झलक ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
शिल्पा सिंह पं. सुनील वैष्णव, श्रीमती वासंती वैष्णव एवं गुरु महुआ शंकर की शिष्या हैं। उन्होंने कथक नृत्य में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। रायगढ़ घराने की पारंपरिक शैली के साथ परन, तोड़ा, लयकारी और अभिनय में उनकी विशेष पकड़ है। वे स्वयं भी कथक के शिक्षण एवं कोरियोग्राफी के माध्यम से नई पीढ़ी को इस समृद्ध कला परंपरा से जोडऩे का कार्य कर रही हैं। शिल्पा सिंह ‘मां कात्यायनी कथक डांस एकेडमी’ की संस्थापक हैं। उन्होंने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों पर कथक की प्रस्तुतियां दी हैं। राजिम कुंभ कल्प, भरतमुनि महोत्सव भुवनेश्वर, महाराणा कुंभा संगीत समारोह उदयपुर और भोरमदेव महोत्सव सहित अनेक प्रमुख आयोजनों में उनकी प्रस्तुतियां हो चुकी हैं।
कथक साधना के लिए मिल चुके हैं अनेक सम्मान
कथक के क्षेत्र में उनके योगदान और प्रतिभा को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वर्ष 2024 में उन्हें गुरु सम्मान एवं कौशल महोत्सव में गुरु सम्मान प्राप्त हुआ। वर्ष 2023 में नटवर गोपीकृष्ण राष्ट्रीय पुरस्कार तथा नर्तन रिदम महोत्सव में सम्मान मिला। वहीं वर्ष 2022 में एआईडीए भिलाई की अखिल भारतीय नृत्य प्रतियोगिता में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया और नवोदित कलाकार पुरस्कार से भी सम्मानित हुईं।

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